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swachh survekshan 2017 report in hindi

स्वच्छ  सर्वेक्षण रिपोर्ट -2017 : मानदंड और प्रक्रिया

   शहरों/कस्बों/राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों की स्वच्छता रैंकिंग को देखने के लिए पोस्ट के अंतिम भाग में लिंक दिया गया है.......

शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जनवरी-फरवरी, 2017 में कराए गए स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2017 का उद्देश्‍य शहरों और कस्‍बों को खुले में शौच से मुक्‍त कराने और नगर पालिका के ठोस कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया में सुधार प्राथमिकताआधारित स्‍वच्‍छता के परिदृश्‍य में सुधार के बारे में जानकारी हासिल करना है। तदनुसार यह परिणाम उन्‍मुख है।

सर्वेक्षण के लिए स्‍वच्‍छता संबंधी पहलुओं के विभिन्‍न कारकों के लिए मानदंड और वेटेज ये हैं

1) घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने सहित ठोस कचरे का प्रबंधन, प्रक्रिया और निपटान, खुले में शौच से मुक्ति की स्थिति : कुल 200 अंकों का 45 प्रतिशत यानी 900 अंक

2) नागरिकों की प्रतिक्रिया : 30 प्रतिशत यानी कुल अंकों में से 600

3) स्‍वतंत्र अवलोकन : 25 प्रतिशत यानी 500 अंक

 सर्वेक्षण करने वाली भारतीय गुणवत्‍ता परिषद ने 434 शहरों और कस्‍बों में 17500 स्‍थानों पर आकलन के लिए 421 मूल्‍यांकनकर्ता तैनात किये थे। अन्‍य 55 व्‍यक्ति नियमित रूप से वास्‍तविक समय में सर्वेक्षण प्रक्रिया कीनिगरानी कर रहे थे। मूल्‍यांकनकर्ताओं द्वारा जियो टैग किये गये उपकरणों से क्षेत्र में जांच कर स्‍वच्‍छता की स्थिति पर सबूत आधारित रिपोर्ट तैयार की गई है।    

  स्वच्छ सर्वेक्षण रिपोर्ट - 2017 की प्रमुख बाते :

 * स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में इंदौर भारत का सबसे स्वच्छ शहर बनके उभरा है। यह सर्वेक्षण 434 शहरों और कस्बों में किया गया था, जिसके परिणामों की घोषणा आज केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम. वेकैंया नायडू मंत्री द्वारा की गयी।

* इस क्रम में भोपाल, विशाखापत्तनम, सूरत, मैसूर, तिरुचिरापल्ली, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, नवी मुंबई, वडोदरा और चंडीगढ़ शीर्ष 10 स्वच्छ शहरों में शामिल हैं।

 * 434 शहरों के सर्वेक्षण में सबसे निचले पायदान पर जो शहर आए हैं उनका विवरण इस प्रकार है:

गोंडा (उत्तर प्रदेश)-434, भुसावल (महाराष्ट्र)-433, बगहा (बिहार)-432, हरदोई (उत्तर प्रदेश)-431, कटिहार (बिहार)-430, बहराइच (उत्तर प्रदेश)-429, मुक्तसर (पंजाब)-428, अबोहर (पंजाब)-427 और खुर्जा (उत्तर प्रदेश)-425।

 * सर्वेक्षण के परिणामों की घोषणा करते हुए श्री नायडू ने कहा अक्टूबर 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत से पहले 2014 में किए गए सर्वेक्षण से अभी तक आंध्र प्रदेश और तेलांगना के बाद मध्यप्रदेश, गुजरात, झारखंड और छत्तीसगढ़ ने अपनी रैंकिग में काफी सुधार किया है। 2016 में किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में 73 शहरों को शामिल किया गया था और यह राजधानी शहरों के अलावा लगभग 1 मिलियन से ज्यादा की जनसंख्या वाले शहरों में आयोजित किया गया।

* मंत्री महोदय ने आगे बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में मध्य प्रदेश और झारखंड के सभी शहरों को शामिल किया गया था और 2014 की तुलना में इन्होंने 2016 की अपनी रैंकिग में सुधार किया। राजकोट को छोड़कर गुजरात के सभी शहरों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। इसी तरह बिलासपुर को छोड़कर छत्तीसगढ़ के शहरों का अच्छा प्रदर्शन रहा। तेलंगाना के केवल दो शहरों की रैंकिंग में गिरावट आई है।

* श्री नायडू ने कहा कि 50 शीर्ष स्वच्छ शहरों ने कुल 14 राज्यों का प्रधिनिधित्व किया, इन शहरों में गुजरात के 12, मध्य प्रदेश के 11, आंध्र प्रदेश के 8 और चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, सिक्किम और उत्तर प्रदेश के एक-एक शहर शामिल हैं। वाराणसी का 2014 में 418वां रैंक था, इस वर्ष इसके रैंक में सुधार होकर 32वां स्थान प्राप्त हुआ है और यह उत्तरी क्षेत्र में सबसे तेजी से स्वच्छता अपनाने वाला बड़ा शहर बन गया है।

* उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और केरल को शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता मानकों में सुधार लाने के लिए व्यापक रूप से प्रयास करने की जरूरत है। हरियाणा में फरीदाबाद ने अपनी रैंक में काफी सुधार किया है। 2014 में यह 379 रैंक पर था, जबकि इस वर्ष इसने 88वीं रैंक हासिल की है। यह 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में सबसे तेजी से स्वच्छता अपनाने वाला शहर बन गया है।

* श्री वेकैंया नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि इस वर्ष का सर्वेक्षण देश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता पर नागरिकों के फैसले का परिणाम है। इसमें 37 लाख नागरिकों ने 434 नगरों और शहरों में स्वच्छता के बारे में अपनी राय उत्साहपूर्वक उपलब्ध कराई है। यह संख्या देश की कुल शहरी जनसंख्या का लगभग 60 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि ऐसे सर्वेक्षण सभी 4041 सांविधिक नगरों और शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

* श्री नायडू ने कहा कि भारत ने वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मक सूचकांक में अपनी स्थिति में 12 स्थानों का सुधार किया

है। मीडिया के लोगों से प्राप्त फीडबैक ने भी शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता में सुधार होने की पुष्टि की है।

* श्री नायडू ने कर्नाटक के मैसूर शहर का उल्लेख करते हुए ने कहा कि इसका 2016 और 2014 में प्रथम स्थान था और इस वर्ष के सर्वेक्षण में इसे पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है। इसका यह अर्थ नहीं है कि इस शहर में स्वच्छता में गिरावट आई है या शहर प्रशासन ने अपने प्रयासों में कमी की है। मैसूर ने 2016-17 में कुल 2000 अंकों में 87 फीसदी अंक हासिल किए हैं, जो यह दर्शाता है कि इस वर्ष स्वच्छता के स्तर में कोई कमी आई है, हालाकि कुछ अन्य शहरों ने मैसूर से भी अधिक अंक हासिल किए हैं। ऐसे सर्वेक्षणों के माध्यम से प्रतियोगिता की भावना को बढ़ावा मिलता है, जिससे शहरों को यह जानने में मदद मिलती है कि वे अन्य शहरों की तुलना में कहां खड़े हैं।

* राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पांच स्वच्छ शहरों और विभिन्न क्षेत्रों में 5 से 10 और 2-5 लाख जनसंख्या वाली श्रेणियों में सबसे साफ औपर तेजी से आगे बढ़ने वाले शहरों सहित 38 शहरों को पुरस्कार दिए गए।

* स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त बनाने और हर घर से नगरपालिका ठोस अपशिष्ट एकत्र करने, प्रोसेसिंग करने और निपटान करने के वर्तमान में चल रहे प्रयासों के आधार पर परिणामों को प्राप्त करना है। कुल 2000 अंकों में से 900 अंक ओडीएफ और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में किए गए कार्य के लिए, 600 अंक नागरिक फीडबैक के लिए और 500 अंक निष्पक्ष आंकलन के लिए निर्धारित किए गए हैं।

* भारतीय गुणवत्ता परिषद ने इस वर्ष जनवरी-फरवरी के दौरान यह सर्वेक्षण आयोजित किया और 434 शहरों और नगरों में स्वच्छता स्थल निरीक्षणों के लिए 431 समीक्षक तैनात किए। इसके अलावा, सर्वेक्षण और क्षेत्र निरीक्षणों की प्रगति की वास्तविक निगरानी के लिए 55 अन्य समीक्षकों को भी शामिल किया गया।                      
1.यूएन में भारत ने खुद को सेकुलर बताया, कहा, कोई राजधर्म नहीं

• भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान की आलोचना का जवाब देते हुए संयुक्त राष्ट्र में कहा कि भारत धर्म निरपेक्ष देश है और इसका अपना कोई राजधर्म नहीं है। अल्पसंख्यकों की रक्षा करना इसकी नीतियों का आवश्यक तत्व है।
• भारत के एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में यह जानकारी दी। इससे पहले पाकिस्तान ने अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार के मामले में भारती की कड़ी आलोचना की।
मुकुल रोहतगी ने यूएनएचआरसी में यूनिवर्सल पीरियॉडिक रिव्यू के 27वें सत्र में कहा कि भारतीय संविधान में ऐसे कई प्रावधान हैं जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों और हितों को रक्षा प्रदान करते हैं।
• रोहतगी इस सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 'भारत में जाति, लिंग, रंग या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है।' उन्होंने दोहराया कि 'भारत सेकुलर देश है और इसका कोई राजधर्म नहीं है। संविधान हर व्यक्ति को धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।'
•  उन्होंने कहा, 'बोलने और अभिव्यक्त करने की आजादी भारतीय संविधान की मूल भावना में उचित स्थान पर है। विश्व के सबसे बड़ी बहुस्तरीय लोकतंत्र में हम बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व को पहचानते हैं।
• हमारे लोग राजनीतिक स्वतंत्रता के प्रति जागरूक हैं और प्रत्येक अवसर पर अपनी पसंद जाहिर करते हैं।'

2. इजरायल-फलस्तीन की दुश्मनी खत्म करने के लिए ट्रंप पंच बनने को तैयार

• अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 69 साल से दुश्मनी की आग में जल रहे इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति की लौ जलाने का संकल्प लिया है। इसके लिए वे दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने को भी तैयार हैं।
• ह्वाइट हाउस में बुधवार को अपने फलस्तीनी समकक्ष महमूद अब्बास की मेजबानी करते हुए उन्होंने यह पेशकश की। दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी।
• इससे पहले फरवरी में ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ह्वाइट हाउस में अगवानी की थी। ट्रंप ने कहा कि इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति उतनी भी मुश्किल नहीं है जितना लोग समझते हैं। इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाने का भरोसा भी उन्होंने दिया।
• हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति न तो ‘द्वि राष्ट्र सिद्धांत’ पर अपनी स्पष्ट राय रख पाए और न ही ये बताने में कामयाब हुए कि उनके पास सुलह का क्या फॉमरूला है। 1ह्वाइट हाउस ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच आपसी संबंधों को मजबूती देने और मध्य-पूर्व में शांति प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई।
• इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति के लिए ट्रंप ने खुद को प्रतिबद्ध बताते हुए कहा कि दोनों देशों की सीधी वार्ता से ही इस समस्या का समाधान मुमकिन है। साथ ही अब्बास को भरोसा दिलाया कि अमेरिका या कोई अन्य देश अपनी ओर से कोई समझौता नहीं लादेंगे।
• फलस्तीनी राष्ट्रपति ने कहा कि वे 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर दो राष्ट्र सिद्धांत से शांति चाहते हैं। इस पर अमेरिका से समर्थन मिलने की उम्मीद जताई। अब्बास पर इजरायल के साथ लड़ाई में मारे गए लोगों और इजरायली जेल में बंद लोगों के घर वालों की वित्तीय मदद रोकने को लेकर भी दबाव है।
• इजरायली सरकार का कहना है कि इस तरह की मदद आतंकवाद को प्रोत्साहित करती है। हालांकि फलस्तीन में लगातार अपनी लोकप्रियता खो रहे अब्बास के लिए ऐसा करना बेहद कठिन माना जा रहा है।
• गौरतलब है कि 15 मई 1948 को इस इलाके पर ब्रिटेन का आधिपत्य खत्म हुआ था। इसके बाद इजरायल और फलस्तीन दो देश बने थे। तभी से गाजा पट्टी सहित कुछ इलाकों को लेकर दोनों देशों के बीच खूनी संघर्ष जारी है। सुलह का अंतिम प्रयास अमेरिका ने 2014 में किया था, जो बुरी तरह असफल रहा था।

3. जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सभी देश मिलकर लड़ें : नाटो

• अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलने या रहने के निर्णय लेने के नजदीक पहुंचने के बावजूद उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने बृहस्पतिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन नियंतण्र सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है और सभी देशों को इसके खिलाफ एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए।
• नाटो के सुप्रीम एलाइड कमांडर जनरल डेनिस मेरसियर ने बताया, इस बात की अत्यधिक आवश्यकता है कि संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सभी देशों को एक साथ लेकर चले और सभी देशों के बीच समन्वय बना कर रखे।
• उन्होंने कहा,अगर एक राष्ट्र, विशेष रूप से सबसे बड़ा राष्ट्र,यदि किसी समस्या को नहीं पहचानता है तो हमें इसे सुलझाने में बहुत परेशानियों का सामना करना होगा। उन्होंने हालांकि अमेरिका का नाम नहीं लिया लेकिन अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और चीन का बाद ग्रीनहाउस गैस का सबसे ज्यादा उत्सर्जन करने वाला दूसरा देश है।
• ट्रंप इस समझौते का मूल्यांकन

कर रहे हैं और इसपर विचार कर रहे हैं कि अमेरिका को पेरिस समझौते के तहत नियमों को मानना चाहिए या नहीं।

4. सीरिया में सुरक्षित क्षेत्र  बनाएंगे रूस और तुर्की

• कजाखस्तान में दमिश्क की सरकार के साथ चल रही संघर्षविराम वार्ताओं से सीरियाई विद्रोहियों के प्रतिनिधिमंडल के बहिर्गमन के बाद रूस के राष्ट्रपति और तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि वह युद्धरत सीरिया में सुरक्षित क्षेत्र बनाने के पक्ष में हैं।
• वार्ता से बहिर्गमन करने के पीछे विद्रोहियों की दलील थी कि दिसम्बर में ऐसे ही संघर्षविराम के बाद बार-बार उल्लंघन किया गया था।
• रूसी शहर सोची में आयोजित बैठक में रेसेप तैयब एदरेगन और व्लादिमीर पुतिन ने यह उम्मीद जताई कि सीरियाई सरकार और विद्रोही इस संघर्ष को ‘‘कमजोर’ करने के लिए इस हालिया प्रस्ताव को अंगीकार कर लेंगे।
• इस संघर्ष को छह साल हो चुके हैं और इसमें लगभग चार लाख लोग मारे जा चुके हैं। तुर्की और रूस सीरिया के युद्ध में गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों के सैनिक जमीनी स्तर पर भी इसमें संलिप्त हैं।
• अंकारा सीरियाई विपक्ष के कई धड़ों को समर्थन दे रहा है, वहीं रूस सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद के बलों को समर्थन दे रहे हैं।
• विद्रोहियों के वार्ता से बहिर्गमन करने से पहले रूसी प्रतिनिधियों ने उनके समक्ष प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव में सीरिया में चार ‘‘सुरक्षित क्षेत्र’ बनाने का प्रस्ताव रखा था, जहां युद्धरत पक्षों को ‘‘सुरक्षा रेखाओं’ के जरिए अलग-अलग रखा जाएगा।

5. ब्रिटेन चुनाव : थेरेसा ने ब्रेग्जिट पर कड़ा रुख अपनाया

• ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के तौर पर थेरेसा मे बृहस्पतिवार को पहले राष्ट्रव्यापी चुनाव का सामना कर रही हैं। ब्रिटेन में होने वाले बेहद अहम चुनाव से कुछ सप्ताह पहले ही थेरेसा ने ब्रेग्जिट पर अपने रुख को कड़ा कर दिया है।
• इन चुनावों में ब्रिटेन हजारों नए स्थानीय काउंसिलर्स का चुनाव करेगा। इस चुनाव के नतीजे थेरेसा के कंजव्रेटिव्स की ताकत के प्रमाण के तौर पर देखे जाएंगे। ओपीनियन पोल के अनुसार यह लोग 8 जून को होने जा रहे संसदीय चुनाव में भारी जीत की ओर बढ़ रहे हैं।
• बृहस्पतिवार को इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स में स्थानीय प्राधिकरण की लगभग 5000 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इसके साथ ही 8 उपनगरीय मेयर पदों के लिए भी चुनाव हैं। विशेषज्ञों ने इन नतीजों का इस्तेमाल अगले माह के चुनाव के नतीजों का पूर्वानुमान लगाने के खिलाफ चेतावनी दी है।
• उनका कहना है कि यह चुनाव सामान्यत: स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं और अकसर इनका इस्तेमाल मौजूदा सरकार को दंडित करने के लिए होता है।
• यूरोपीय संघ की वार्ताओं की दिशा में बढ़ते हुए, दो सप्ताह पहले ही अपना जनादेश मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने जून के आम चुनाव का आह्वान किया था। वह अच्छी तरह जानती हैं कि आज कई मतदाताओं के दिमाग में ब्रेग्जिट होगा।

6. प्रमोशन में आरक्षण के लिए सहमत हुई सरकार

• सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के मसले पर सरकार सहमत हो गई है। सरकार का मानना है कि सभी विभागों में खासतौर पर निचले कैडर में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों के लिए तय सीमा तक आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। इस समय विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में एससी और एसटी के लिए 15 फीसद और 7.5 फीसद का कोटा ही पूरा नहीं हो पा रहा है।
• संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे। राजनीतिक रूप से भी सरकार का यह कदम अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह खासतौर पर बसपा जैसे राजनीतिक दलों के एक बड़े मुद्दे को भी खत्म कर देगा।
• सरकार के कार्मिक विभाग ने प्रमोशन में आरक्षण के मसले पर एम. नागराज बनाम केंद्र सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमल में लाने के लिए बनाई रिपोर्ट पर सहमति जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को समान अवसर और उनके समेकित विकास के लिए जरूरी है कि उनके लिए प्रमोशन में आरक्षण की सुविधा जारी रहे।
• रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के कई कैडर में एससी और एसटी वर्ग के लोगों की हिस्सेदारी संविधान में उनके लिए तय सीमा से भी कम है। इसलिए वक्त की जरूरत है कि जब तक आरक्षण तय सीमा तक न पहुंच जाए, उन्हें यह लाभ मिलता रहे।
• कार्मिक विभाग का प्रजेंटेशन : मंगलवार को कार्मिक विभाग ने इस मसले के लिए बनी मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति के समक्ष एक प्रजेंटेशन दिया। इस समिति में गृह मंत्री, वित्तमंत्री, रक्षा मंत्री, विधि एवं न्याय मंत्री, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री, आदिवासी कार्य मंत्रलय और कार्मिक विभाग के राज्य मंत्री शामिल हैं।
• अब आगे क्या : मंत्रियों की समिति से प्रमोशन में आरक्षण पर मुहर लगते ही प्रस्ताव मंत्रिमंडल के भेजा पास जाएगा। आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन की जरूरत होगी,

इसलिए इससे संबंधित विधेयक पर मंत्रिमंडल की स्वीकृति लेनी होगी। इसके बाद संविधान संशोधन विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।
• मौजूदा स्थिति : वर्तमान में किसी भी विभाग में होने वाली 14 नियुक्तियों में अनुसूचित जाति को मिलने वाले 15 फीसद आरक्षण के हिसाब से दो पद आरक्षित रखे जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में निचले कैडर में अभी इस वर्ग के लोगों को केवल एक ही पद मिल रहा है।
• ताजा प्रस्ताव के मुताबिक अब निचले कैडर के कर्मियों को भी प्रमोशन के दो पद एससी के लिए आरक्षित रखना होगा। कार्मिक विभाग ने माना है कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अभी भी एससी और एसटी के लिए 15 और 7.5 फीसद के आरक्षण की सीमा तक नहीं पहुंचा जा सका है।
• राजनीतिक पहलू : इस कदम के राजनीतिक पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। खासकर तब जब हाल के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा जैसी पार्टियां हाशिये पर खड़ी होने लगी हैं। बसपा के लिए प्रमोशन में आरक्षण एक बड़ा मुद्दा रहा था, जिसे वह समय-समय पर संसद के भीतर और बाहर उठाती रही है।
• अब केंद्र की भाजपा सरकार इस मामले में बड़ा फैसला करने जा रही है और वह भी ऐसे वक्त में जबकि बसपा संसद में प्रभावी समर्थन या विरोध करने की स्थिति में ही नहीं है।

7. माल्या के प्रत्यर्पण में मदद करेगा ब्रिटेन

• ब्रिटेन ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने में भारत को सहयोग करने का भरोसा दिया है। भारत और ब्रिटेन के बीच गुरुवार को गृह सचिव स्तर की बातचीत के एजेंडे में माल्या समेत कुल 22 भगोड़ों के प्रत्यर्पण का मामला शामिल था। इनमें से 10 भारत में वांछित हैं, जबकि 12 ब्रिटेन में वांछित हैं।
• इसके साथ ही भारत ने ब्रिटेन में सक्रिय सिख और कश्मीरी आतंकियों का मुद्दा भी उठाया। भारत ने आइएस की आतंकी गतिविधियों के बारे में वास्तविक जानकारी साझा करने पर जोर दिया।
• उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, भारत और ब्रिटेन के बीच बातचीत के एजेंडे में भगोड़े अपराधियों का मुद्दा अहम रहा। भारत ने ब्रिटेन में जा छिपे 10 भगोड़े अपराधियों की सूची सौंपी।
• इस सूची में बैंकों से 9000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर फरार उद्योगपति विजय माल्या का नाम सबसे ऊपर है। इन सभी अपराधियों के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में प्रत्यर्पण की सुनवाई चल रही है।
•  ब्रिटेन ने अपनी अदालत में प्रत्यर्पण की कार्यवाही में तेजी लाने में भरपूर सहयोग का भरोसा दिया है। हालांकि माल्या को भारत में लाने का मामला काफी कुछ वहां की अदालतों पर निर्भर हैं।
• आम तौर पर ब्रिटिश अदालतें प्र्त्यपण के मामलों में अपना स्वतंत्र रुख प्रदर्शित करती हैं, लेकिन अगर ब्रिटिश सरकार भारत की मांग के पक्ष में खड़ी होती है तो माल्या का प्रत्यर्पण आसान हो सकता है।

8. स्वच्छ सर्वेक्षण : इंदौर के सिर सजा सफाई का ताज, गोंडा सबसे गंदा शहर

• इंदौर देश का सबसे साफ-स्वच्छ शहर चुना गया है, जबकि सबसे गंदा शहर उत्तर प्रदेश के गोंडा को पाया गया है। साफ सुथरे शहरों में सबसे अधिक मध्य प्रदेश के शहरी निकायों ने बाजी मारी है।
• 2017 में देश के कुल 434 शहरों की स्वच्छता को निर्धारित मानकों पर परखा गया, जिसके नतीजे गुरुवार को घोषित किए गए।
• केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने स्वच्छता के क्षेत्र में उम्दा और घटिया प्रदर्शन करने वाले शहरों की अलग-अलग सूची जारी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब के शहरों की हालत बहुत अच्छी नहीं है।
• जारी रैंकिंग की टॉप टेन सूची में इंदौर के बाद भोपाल, विशाखापत्तनम, सूरत, मैसूर, तिरुचिरापल्ली, नई दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी), नवी मुंबई, तिरुपति और बडोदरा शामिल हैं।
• नायडू ने उन दस शहरों की सूची भी जारी की, जो स्वच्छता के मामले में सबसे खराब हैं।
• कुल 434 शहरों के निचले पायदान वाले शहरों में गोंडा (उत्तर प्रदेश) 434वें स्थान पर, भुसावल (महाराष्ट्र)-433, बगहा (बिहार)-432, हरदोई (उत्तर प्रदेश)-431, कटिहार (बिहार)-430, बहराइच (उत्तर प्रदेश)-429, मुक्तसर (पंजाब)-428, अबोहर (पंजाब)-427, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)-426 और खुर्जा (उत्तर प्रदेश)-425वें स्थान पर है।
• नतीजों के बारे में नायडू ने कहा कि मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश ने शहरी क्षेत्रों के स्वच्छता मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। इन राज्यों के शहरों ने 2014 के के मुकाबले बेहतर किया है।
• सर्वेक्षण-2017 में मध्य प्रदेश और झारखंड के सभी शहरों ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, जबकि गुजरात में राजकोट को छोड़कर बाकी शहरों की सफाई सुधरी है।
• विलासपुर को छोड़कर छत्तीसगढ़ के बाकी शहरों में स्वच्छता में संतोषजनक सुधार हुआ है।
• स्वच्छता की रैंकिंग में शीर्ष 50 की सूची में 14 राज्यों के शहरों को स्थान मिला है। इनमें सबसे अधिक गुजरात के 12 शहर, मध्य प्रदेश के

11 शहर, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड और उत्तर प्रदेश का एक-एक शहर शामिल है।
• हरियाणा के फरीदाबाद ने स्वच्छता रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ऊंची उछाल मारी है। वह 379 पायदान से 88वें स्थान पर पहुंच गया है।
• इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस भी 2014 के 418वें पायदान से उछलकर इस साल 32वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल यह 65वें स्थान पर था।
• नायडू ने कहा कि सर्वेक्षण के नतीजे स्वच्छता पर लोगों का फैसला है। 434 शहरों के इस सर्वेक्षण में कुल 37 लाख लोगों से फीडबैक लिया गया।

9. मुल्लापेरियार बांध पर तमिलनाडु और केरल फिर आमने-सामने

• सवा सौ साल पुराने मुल्लापेरियार बांध को लेकर दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु और केरल के बीच फिर से ठन गई है। तमिलनाडु ने पड़ोसी राज्य पर बांध का रखरखाव करने की मंजूरी नहीं देने का आरोप लगाया है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने केरल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
• अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी।1सर्वोच्च्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने तमिलनाडु के आरोपों पर नोटिस जारी किया है। तमिलनाडु ने अपनी अर्जी में शीर्ष अदालत के फैसले को लागू कराने को लेकर दिशा-निर्देश देने की मांग की है।
• इसके अनुसार, शीर्ष अदालत ने अपने निर्णय में तमिलनाडु को बांध के रखरखाव का अधिकार दिया है, जबकि केरल को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बावजूद मरम्मत कार्य की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने बांध की सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ को तैनात करने की गुहार लगाई थी, जिस पर शीर्ष अदालत ने फटकार लगाई थी।
• सर्वोच्च न्यायालय ने 7 मई, 2014 के फैसले में मुल्लापेरियार बांध को सुरक्षित करार दिया था। साथ ही तमिलनाडु सरकार को बांध को मजबूत करने का कार्य खत्म होने के बाद पानी का जलस्तर 142 से 152 फीट तक बढ़ाने की अनुमति दी थी। केरल ने इस फैसले को चुनौती दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।
• पेरियार नदी पर बने इस बांध का निर्माण कार्य 1895 में पूरा हुआ था। इडुक्की जिले (केरल) में स्थित 1200 फीट लंबे बांध पर तमिलनाडु का स्वामित्व है।

10. अग्नि-2 मिसाइल का सेना ने किया सफल परीक्षण

• भारतीय सेना ने गुरुवार को परमाणु हमला करने में सक्षम अग्नि-2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) स्थित इंट्रीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आइटीआर) से इसका परीक्षण किया गया। यह मिसाइल दो से ढाई हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है। पाकिस्तान, चीन और दक्षिण पूर्व एशिया इस मिसाइल की जद में हैं।
• अग्नि-2 का विकास रक्षा विकास और अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाओं और भारत डायनमिक्स हैदराबाद के साथ मिलकर एडवांस सिस्टम प्रयोगशाला ने किया है। सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम दूरी की इस बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण आइटीआर के लांच कांप्लेक्स-4 (एलसी-4) से रेल मोबाइल प्रणाली के जरिये सुबह 10.23 बजे किया गया।
• स्वदेश निर्मित यह मिसाइल 21 मीटर लंबी, एक मीटर चौड़ी व 17 टन वजन की है। यह एक हजार किलोग्राम तक विस्फोटक ढोने में सक्षम है। अग्नि-2 का पहला परीक्षण 11 अप्रैल 1999 को किया गया था।

11. अब दूर होगा एनपीए का संकट बैंकिंग सुधार

• वित्त सचिव अशोक लवासा ने बृहस्पतिवार को कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम में संशोधन से बैंकों की फंसे कर्ज (एनपीए) की समस्या के प्रभावी समाधान में मदद मिलेगी।
• लवासा ने यहां पत्रकारों से कहा,‘‘एनपीए में कितनी कमी होगी इसके बारे में कोई संख्या बताना मेरे लिए संभव नहीं होगा लेकिन निश्चित रूप से हमारा मानना है कि इन बदलावों से पण्राली फंसे कर्ज से निपटने में अधिक प्रभावी हो जाएगी।’
• उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन को अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। शीर्ष आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां यह जानकारी दी।
• सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक का डूबा कर्ज या एनपीए छह लाख करोड़ रपए के भारी-भरकम आंकड़े पर पहुंच चुका है।
• लवासा ने कहा कि देश की बैंकिंग पण्राली में मौजूद पेशेवर रख तथा प्रवर्तकों की भागीदारी के साथ ‘‘हम अनेक मामलों को निपटा पाएंगे।’ उन्होंने कहा कि संशोधनों से नियामक भारतीय रिजर्व बैंक तथा बैंक एनपीए की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठा पाएंगे।
• लवासा ने कहा कि भागीदारों के साथ विचार विमर्श के बाद ही सरकार ने कुछ संशोधनों का फैसला किया है जो कि बैंकिंग क्षेत्र के बढ़ते कर्ज से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जरूरी हैं। लवासा ने हालांकि प्रस्तावित संशोधनों का खुलासा नहीं किया।

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